इन 7 बातों से रहे सावधान, पास आने पर बढ़ेंगी सिर्फ परेशानियां

आचार्य चाणाक्य के मुताबिक भोग-विलास और पैसों के मामलों में इंसान का खुद पर नियंत्रण रखना बहुत जरुरी है. क्योंकि ज्यादा पैसा आ जाने के बाद इंसान की बुद्धि बदल जाती है और बाद में उसे इसका खमियाजा भुगतना पड़ता है

(दिल्ली) चाणक्य नीति – ऑचार्य चाणक्य की नीतियों, उनकी कही- लिखी एक भी बात को कोई काट नहीं पाया है. चाणक्य नीति में उन्होंने ऐसी 7 बातें बताईं हैं जिसके पास आने मात्र से इंसान को दुख और परेशानी मिलती है. वो सात चीजें हैं पैसा, भोग-विलास, स्त्री, राजा, काल, याचक और दुष्ट लोग. चाणक्य नीति में इन सातों के बारे बताया गया है कि पूरे जीवनकाल में कहीं न कहीं हर इंसान इनसे परेशान रहता होता है.

चाणक्य नीति में कहा गया है कि स्त्री, राजा, याचक और दुष्ट लोगों से हमेशा संभलकर रहें. इनके साथ आपका व्यवहार बहुत नियंत्रित होना चाहिए. इनसे सोच-समझकर ही व्यवहार करें वरना लेने के देने पड़ सकते हैं.

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आचार्य चाणाक्य के मुताबिक भोग-विलास और पैसों के मामलों में इंसान का खुद पर नियंत्रण रखना बहुत जरुरी है. क्योंकि ज्यादा पैसा आ जाने के बाद इंसान की बुद्धि बदल जाती है और बाद में उसे इसका खमियाजा भुगतना पड़ता है. चाणक्य नीति कहती है कि इन सब मामलों में सावधानी रखेंगे तो मृत्यु को लेकर आपको कभी भय नहीं होगा.

कोऽर्थान्प्राप्य न गर्वितो विषयिणः कस्यापदोऽस्तं गताः स्त्रीभिः कस्य न खण्डितं भुवि मनः को नाम राजप्रियः । कः कालस्य न गोचरत्वमगमत् कोऽर्थी गतो गौरवं को वा दुर्जनदुर्गमेषु पतितः क्षेमेण यातः पथि ॥

– ऑचार्य चाणक्य (चाणक्य नीति)

  • पैसा – श्लोक में कहा गया है कि पैसे मिलने पर मिलने पर घमंड आ ही जाता है. ऐसा कोई इंसान इस धरती पर नहीं है जिसकी बुद्धि पैसा पाकर न बदली हो.
  • भोग – विलास जो इंसान भोग और विलास में पड़ा रहता हो और जिसे खुद पर कंट्रोल नहीं रहता वो हमेशा मानसिक और शारीरिक तौर से दुखी ही रहता है.
  • स्त्री – स्त्रियों के कारण हर इंसान के जीवन में कभी न कभी दुख जरुर आता है, चाहे वो प्रेम की वजह से ही क्यों ना हो.
  • राजा – अच्छा और समझदार राजा जो न्यायप्रिय हो उसकी कृपा कभी किसी एक इंसान पर नहीं हो सकती है. ऐसा राजा सबको समान भाव से देखता है और समय आने पर अपने प्रिय को भी दंड भी देता है.
  • काल – चाणक्य कहते हैं हर इंसान की मृत्यु सुनिश्चित है इसलिए काल की दृष्टि से आज तक कोई नहीं बचा है.
  • याचक – मांगने की आदत की वजह से सम्मान नहीं मिलताा. चीजें या पैसा मांगना जिस इंसान की आदत हो ऐसे लोगों को कभी सम्मान नहीं मिलता.
  • दुष्ट – लोग गंदी आदत कभी नहीं बदलती. एक बार जो लोग दुष्ट और गलत लोगों की संगत में पड़ जाते हैं वो फिर से अच्छे इंसान नहीं बन पाते और कोई बन भी जाए तो जीवन में फिर कोई न कोई गलत काम कर ही बैठता है.

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